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Essay On Summer Season For Kids In Hindi

गर्मी वर्ष का सबसे गर्म मौसम होता है हालांकि, बच्चों के लिए बहुत ही रुचिपूर्ण और मनोरंजक मौसम है क्योंकि, उन्हें तैराकी करने, पहाड़ी क्षेत्रों में जाने, आइस-क्रीम खाने, लस्सी पीने, पसंदीदा फल खाने आदि का मौका मिलता है। वे गर्मी के मौसम में स्कूल की छुट्टियों का आनंद लेते हैं। यह चार शीतोष्ण ऋतुओं में से एक है, जो वंसत और पतझड़ के बीच में आता है। हम यहाँ विद्यार्थियों की मदद करने के उद्देश्य से गर्मी के मौसम पर कुछ निबंध उपलब्ध करा रहे हैं, जो उन्हें उनके शिक्षकों के द्वारा गृहकार्य के रुप में पैराग्राफ या निबंध लिखने के लिए दिए जाते हैं। आप यहाँ दिए गए किसी पैराग्राफ या निबंधों में से कोई भी गर्मी के मौसम पर निबंध को अपनी जरुरत और आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हो।

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध (समर सीजन एस्से)

You can get below some essays on Summer Season in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

गर्मी के मौसम पर निबंध या ग्रीष्म ऋतु पर निबंध 1 (100 शब्द)

गर्मी लम्बें दिनों और छोटी रातों को रखने वाला सबसे गर्म मौसम होता है। यह साल के अन्य मौसमों की तुलना में सबसे लम्बा मौसम होता है। ग्रीष्म संक्रांति के दौरान, दिन बड़े होते हैं और रात छोटी। ग्रीष्म ऋतु आमतौर पर, होली (मार्च के महीने) के बाद शुरु हो जाती है और जून के महीने में खत्म होती है। जैसे-जैसे दिन लम्बा होता है, ग्रीष्म ऋतु का तापमान अपने शिखर पर होता है: हालांकि, जैसे-जैसे दिन घटता है, गर्मी का तापमान धीरे-धीरे कम होता जाता है। जब उत्तरी ध्रुव पर गर्मी होती है, तो दक्षिणी ध्रुव पर सर्दी होती है।

इस ऋतु में मौसम बहुत रूखा होता है हालांकि, उच्च तापमान होने के कारण, पूरे मौसम के दौरान गर्म हवाएं चलती है, जो हमारे लिए असहनीय होती है।

गर्मी के मौसम पर निबंध या ग्रीष्म ऋतु पर निबंध 2 (150 शब्द)

गर्मी का मौसम मार्च, अप्रैल, मई और जून के महीनों में रहता है। यह साल का सबसे गर्म मौसम होता है, क्योंकि तापमान अपने उच्च शिखर पर पहुँचता है। इस ऋतु के दौरान, दिन लम्बे और गर्म होते हैं, वहीं रातें छोटी है। दिन के बीच में, सूर्य की किरणें बहुत गर्म होती है। पूरे दिनभर गर्म हवाएं चलती रहती है, जो चारों तरफ के वातावरण को रूखा और शुष्क बनाती है। ग्रीष्म ऋतु की ऊँचाई पर, छोटी धाराएं, कुएं, और तालाबें सूख जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग पानी की कमी, उच्च तापमान, सूखे आदि बहुत सी परेशानियों से बिजली और अन्य आरामदायक संसाधनों की कमी के कारण जूझते हैं।

उच्च तपमान के बावजूद, गरमी के मौसम में लोग; आम, खीरा, ककड़ी, लीची, कटहल, खरबूजा, तरबूजा जैसे आदि फलों और सब्जियों को खाने का आनंद लेते हैं। शहरी क्षेत्रों में लोग इस मौसम में गरमी से निजात पाने के लिए बहुत सी गतिविधियों में शामिल होते हैं; जैसे- तैराकी, पहाड़ी क्षेत्र पर घूमने के लिए जाना आदि।

गर्मी के मौसम पर निबंध या ग्रीष्म ऋतु पर निबंध 3 (200 शब्द)

ग्रीष्म ऋतु साल का सबसे गर्म मौसम होता है, जो पूरे दिन भर में बाहर जाने को लगभग असंभव बनाता है। लोग आमतौर पर, बाजार देर शाम या रात में जाते हैं। बहुत से लोग गर्मियों में सुबह को इसके ठंडे प्रभाव के कारण टहलने का आनंद लेते हैं। धूल से भरी हुई, शुष्क और गर्म हवा पूरे दिनभर चलती रहती है। कभी-कभी लोग अधिक गरमी के कारण हीट-स्ट्रोक, डीहाइड्रेशन (पानी की कमी), डायरिया, हैजा, और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से प्रभावित होते हैं। यहाँ कुछ बिन्दु दिए गए है, जिनका हमें गर्मियों के दौरान पालन करना चाहिए:

  • यह बहुत धूप वाला मौसम होता है।
  • हमें आरामदायक सूती कपड़े पहनने चाहिए।
  • हमें गर्मी की ऊष्मा से बचने के लिए ठंड़े पदार्थ खाने व पीने चाहिए।
  • हमें पूरे मौसम में स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए बहुत सी सावधानियाँ रखनी चाहिए।
  • हमें गर्मियों की छुट्टियों के दौरान गर्मियों का सामना करने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में जाना चाहिए।
  • हमें शरीर में पानी की कमी और लू लगने (हीट स्ट्रोक) से बचने के लिए बहुत सारा पानी पीना चाहिए।
  • हमें दिन के दौरान, हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाव के लिए विशेषरुप से, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाहर नहीं जाना चाहिए।
  • हमें गरमी में पक्षियों को बचाने के लिए अपनी बॉलकनी या गलियारे (कौरीडोर) में थोड़ा सा पानी और कुछ चावल या अनाज के दाने रख देने चाहिए।
  • हमें लोगों से विशेषरुप से, वस्तु विक्रेता, डाकिया, आदि से पानी के लिए अवश्य पूछना चाहिए।
  • हमें गर्मियों के मौसम में ठंडक प्रदान करने वाले संसाधनों का प्रयोग करना चाहिए: हालांकि, ग्लोबल वार्मिंग के बुरे प्रभावों को रोकने के लिए बिजली का प्रयोग कम करना चाहिए।
  • हमें बिजली और पानी बर्बाद नहीं करना चाहिए।
  • हमें अपने आस-पास के क्षेत्रों में अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए और गर्मी को कम करने के लिए उन्हें नियमित रुप से पानी देना चाहिए।

 

गर्मी के मौसम पर निबंध या ग्रीष्म ऋतु पर निबंध 4 (250 शब्द)

ग्रीष्म ऋतु साल की चार ऋतुओं में से एक ऋतु है। साल का सबसे गर्म मौसम होने के बावजूद बच्चे इसे सबसे अधिक पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें बहुत तरीकों से मस्ती करने के लिए गर्मी की छुट्टियाँ मिलती है। ग्रीष्म ऋतु पृथ्वी के घूर्ण अक्ष के सूर्य की ओर होने के कारण होती है। गर्मी का मौसम बहुत ही शुष्क और गर्म (भूमध्य सागरीय क्षेत्रों में) और बरसात का मौसम (पूर्वी एशिया में मानसून के कारण) लाता है। कुछ स्थानों पर, गर्मी के दौरान वसंत ऋतु में तुफान और बवंडर (जो विशेषरुप से सुबह और शाम के समय तेज और गर्म हवाओं के कारण उत्पन्न होता है) बहुत ही आम बात है।

शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बहुत से लोग बहुत अधिक गर्मी को नहीं सहन कर पाते हैं, जिसके कारण वे गर्मी की छुट्टियों में अपने बच्चों के साथ समुद्र तटीय रिसोर्ट्स, पहाड़ी क्षेत्रों, तटों, ठंडे स्थानों पर कैम्पों या पिकनिक के लिए जाते हैं। वे तैराकी, गर्मी के मौसमी फलों को खाने और ठंडे पेय पदार्थों को पीने आनंद लेते हैं। कुछ लोगों के लिए, गर्मियों का मौसम अच्छा होता है, क्योंकि वे उन दिनों में ठंडे स्थानों पर मनोरंजन और मस्ती करते हैं; हालांकि, यह मौसम गरमी से राहत पाने वाले संसाधनों की कमी के कारण ,ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए असहनीय होता है। कुछ स्थानों पर, लोग अपने क्षेत्रों में पानी की बहुत अधिक किल्लत या कमी से पीड़ित होते हैं और उन्हें बहुत अधिक दूरी तक पानी को लेकर जाना पड़ता है।

यह पूरा मौसम बच्चों के लिए बहुत अच्छा होता है, क्योंकि उन्हें गर्मियों की छुट्टियों के रुप में अपने घर में परिवार के साथ मस्ती के लिए, किसी ठंड़े स्थान पर घूमने के लिए, तैराकी का आनंद लेने के लिए, मौसमी फलों के साथ आइस-क्रीम का आनंद लेने के लिए एक महीने 15 दिन (डेढ़ महीने) का समय मिलता है। आमतौर पर, लोग सूरज निकलने से पहले टहलने के लिए जाते हैं, क्योंकि यह उन्हें ठंडक, शान्ति और ताजी हवा की खुशी वाली भावना देती है।

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध या गर्मी के मौसम पर निबंध 5 (300 शब्द)

भारत में मुख्य रुप से चार मौसम होते हैं: गर्मी का मौसम उसमें से एक है। यह बहुत ही गर्म मौसम होता है, परन्तु लोगों के द्वारा अधिकतर पसंद किया जाता है। यह चार महीनों के लिए होता है (मार्च, अप्रैल, मई और जून), हालांकि, मई और जून सबसे अधिक गर्मी वाले महीने होते हैं। गरमी का मौसम पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर घूमने के कारण होता है। इस प्रक्रिया के दौरान, जब पृथ्वी का भाग सूर्य के करीब आता है, तो वह भाग (सूर्य की सीधी किरणों के पड़ने के कारण) गर्म हो जाता है, जो गर्मियों का मौसम लाता है। इस मौसम में, दिन लम्बे होते हैं और रातें छोटी हो जाती है।

यह होली के त्योहार के बाद पड़ता है और बरसात के मौसम की शुरुआत के साथ खत्म होता है। गर्मी के मौसम के दौरान वाष्पीकृत पानी वाष्प के रुप में वातावरण में संग्रहित हो जाता है (जो बादलों का निर्माण करता है) और बरसात के मौसम में बारिश के रुप में गिरता है। गर्मी के मौसम के लाभों के साथ ही कुछ हानियाँ भी है। एक तरफ, जहाँ यह मौसम बच्चों के मनोरंजन और आराम के लिए होता है; वहीं दूसरी ओर, यह लोगों को बहुत सी मुश्किलों और जोखिमों में डालता है; जैसे- उच्च ऊष्मा, तुफान, शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, बेचैनी आदि। गर्मियों में मध्याह्न का समय भयंकर गर्मी से भरा हुआ होता है, जिसके कारण बहुत से कमजोर लोग लू लगने के कारण बीमार हो जाते हैं या मर जाते हैं।

भारत में बहुत से स्थानों पर, लोग पानी की कमी और सूखे की स्थितियों से पीड़ित होते हैं, क्योंकि कुए, तालाब और नदियाँ सूख जाती है। पेड़ों का पत्तियाँ पानी की कमी के कारण सूख कर गिर जाती है। चारों तरफ धूल से युक्त गर्म हवाएं चलती है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण होती है। हमें गर्मी के मौसम में गर्मी को कम करने के लिए अधिक फल खाने चाहिए, ठंडी चीजों को पीना चाहिए।


 

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध या गर्मी के मौसम पर निबंध 6 (400 शब्द)

परिचय

साल के चारों मौसमों में सबसे गर्म मौसम गरमी का होता है। यह ग्रीष्मकालीन संक्रान्ति के दौरान शुरु होता है, हालांकि इसकी समाप्ति शरद कालीन विषुवत के दिन होती है। दक्षिणी और उत्तरी गोलार्द्ध एक दूसरे की विपरीत दिशा में स्थित है; इसलिए जब दक्षिणी गोलार्द्ध में गरमी होती है, तो उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दी होती है।

ग्रीष्म ऋतु के बारे में तथ्य

ग्रीष्म ऋतु के बारे में कुछ मुख्य तथ्य निम्नलिखित है:

  • पृथ्वी अपने घूर्ण काल के दौरान जब सूर्य की ओर झुकती है, तो गर्मी का मौसम आता है (अर्थात् गोलार्द्ध के सूर्य की ओर झुकने पर गर्मी और गोलार्द्ध के सूर्य से दूर होने पर सर्दी होती है)।
  • बच्चे गर्मियों में खुश हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें स्कूल से एकसाथ बहुत सारी छुट्टियाँ मिल जाती है।
  • दक्षिणी गोलार्द्ध में दिसम्बर, जनवरी और फरवरी भी गर्मी के मौसम है, हालांकि, उत्तरी गोलार्द्ध में जून, जुलाई और अगस्त महीनों में गर्मी का मौसम होता है।
  • यह वह मौसम है, जिसमें ज्यादातर लोग अपने घरों से दूर पहाड़ी या ठंडे क्षेत्रों में रहते हैं।
  • यह साल के सबसे लम्बे और गर्म दिनों को रखता है।
  • हमें पसंदीदा फल और फसल मिलती है।

ग्रीष्म ऋतु गर्म मौसम क्यों है

यह बहुत अधिक तापमान और शुष्क मौसम होता है, जिसमें हिंसक मानसून भी शामिल रहता है, जो मत्यु दर को बढ़ाने का मुख्य कारण बनता है। इस ऋतु में मौसम उच्च तापमान के कारण अधिक गर्म हो जाता है, जो कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति में कमी की वजह से सूखे का कारण बनता है। गर्म हवाएं और तापमान में वृद्धि, दोनों ही इस ऋतु को बहुत अधिक गर्म बनाती है, जो मनुष्य और जंगली जानवरों दोनों के लिए बहुत अधिक परेशानी का निर्माण करता है।

गरमी के मौसम में बहुत सी (मनुष्य और पशुओं दोनों की) मृत्यु शरीर में पानी की कमी के कारण होती है। बीमारी नियंत्रक और रोकथाम केन्द्र की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च ऊष्मीय तरंगे ग्रीष्म ऋतु में गरमी की चरम सीमा का कारण होती है। इसलिए, इस मौसम में सबसे अच्छा अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहना चाहिए। विज्ञान की राष्ट्रीय खाद्य अकादमी एवं पोषण बोर्ड के अनुसार, महिलाओं को सामान्य रूप से पानी की 2.7 लीटर मात्रा और पुरुषों को गर्मियों में दैनिक आधार पर 3.7 लीटर पानी लेना चाहिए। यद्यपि, जो लोग अधिक शारीरिक व्यायाम में शामिल रहते हैं उन्हें सामान्य से अधिक पानी लेना चाहिए।

एनओएए के राष्ट्रीय जलवायु केंद्र द्वारा दर्ज किए गए आकड़ों के अनुसार, यह दर्ज किया गया कि, साल 2014 में सबसे अधिक गर्मी थी। नासा के अनुसार, गर्मी के मौसम में साल दर साल ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती जा रही है। और ऐसा लगता है कि, यह बढ़ता हुआ तापमान बहुत शीघ्र ही इस संसार में सभी स्थानों को गरमी के स्थान जैसा बना देगा।

निष्कर्ष:

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि, मनुष्य भगवान द्वारा निर्मित सबसे बुद्धिमान प्राणी है, हमें हमेशा बढ़ते तापमान पर सोचने के साथ ही सकारात्मक रुप से कार्य करना चाहिए। हमें गर्मी के सभी आरामदायक संसाधनों के द्वारा इस मौसम का आनंद लेना चाहिए हालांकि, हमें सीमा का उल्लंघन नही करना चाहिए। हमें सीमा क्षेत्र में रहकर आनंद लेना चाहिए और हमेशा पानी और बिजली की बचत करनी चाहिए। हमें बिजली और पानी को बर्बाद नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस पृथ्वी पर साफ पानी बहुत ही कम प्रतिशत में है और बिजली का अनावश्यक प्रयोग भी ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है। चलो! हम सभी मिलकर इसके लिए प्रयास करे।


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Short Essay on 'Summer Season' in Hindi | 'Grishm Ritu' par Nibandh (200 Words)

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ग्रीष्म ऋतु

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वैशाख एवं ज्येष्ठ का माह भारत में ग्रीष्म ऋतु कहलाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार माह अप्रैल से मध्य जून की समयावधि ग्रीष्म ऋतु में आती है। इस ऋतु में रातें छोटी व दिन लम्बे होते हैं। इस ऋतु में सूर्योदय के साथ ही तपन बढ़ना प्रारंभ हो जाती है।

ग्रीष्म ऋतु अपने नाम के अनुसार गर्म व तपन से भरी मानी जाती है। पोखर व तालाब इत्यादि सूखने लगते हैं। अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण ही इसे ग्रीष्म नाम दिया गया है। ग्रीष्म ऋतु में सभी प्राणी गर्मी की मार से बेहाल हो जाते हैं। लू के थपेड़ों से जीना मुश्किल होने लगता है। हजारों लोगों की मृत्यु प्रति वर्ष भीषण गर्मी के कारण होती है। हालाँकि विज्ञान की प्रगति ने लोगों को गर्मी से बचने हेतु पंखा, कूलर एवं ए०सी० इत्यादि उपलब्ध करा दिया है, किन्तु गरीबों को यह सुविधा नहीं मिल पाती। गरीब व्यक्ति का जीवन आज भी प्रकृति की दया पर ही निर्भर है।

अत्यधिक गर्मी व तपन के कारण स्कूल एवं कॉलेज में छुट्टियाँ घोषित कर दी जाती है। कई कार्यालयों का समय परवर्तित कर प्रातःकाल से कर दिया जाता है। सड़कों में जगह-जगह शर्बत, लस्सी एवं कोल्ड-ड्रिंक के स्टाल सज जाते हैं। इस मौसम के विशेष फल 'आम' को बहुत पसंद किया जाता है। तरह-तरह की आइस-क्रीम सभी का मन लुभाती हैं। 


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